
भूपेश सिंह बघेल और टीएस सिंहदेव के बीच तल्खी और बढ़ गई है? हालात और हाल के कुछ फैसले तो कुछ ऐसा ही इशारा कर रहे हैं। असल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सिंहदेव के गृहक्षेत्र अंबिकापुर विधानसभा में प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। हालांकि इसकी अधिकृत सूचना जारी नहीं की गई है। लेकिन प्रस्तावित दौरे को स्थगित करने का कारण स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव का अंबिकापुर विधानसभा में नहीं होना बताया गया है। मुख्यमंत्री का उत्तरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में प्रवास 09 मई से 11 मई तक है। वहीं सिंहदेव ने मुख्यमंत्री के दौरे के समानांतर अपना दौरा कार्यक्रम दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से शुरू किया है।
ढाई-ढाई साल पर खत्म नहीं हो रही रार
प्रदेश में कांग्रेस के सत्तासीन होने के बाद से ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री का फॉर्मूला चर्चा में रहा। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा साढ़े तीन साल बाद भी बंद नहीं हुई। छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव नवंबर 2023 में होना है, जिसमें केवल 16 महीने शेष हैं। अपने सरकार के साथ ही विधायकों के कामकाज की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 90 विधानसभा क्षेत्रों के दौरा कार्यक्रम की शुरुआत उत्तरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग से की है। अपने प्रवास पर उन्होंने कई कार्रवाई अफसरों पर की तो विधायकों एवं लोगों की मांग पर सौगातों की बौछार भी की है। वे बलरामपुर, सूरजपुर जिलों के दौरों के बाद 09 मई से सरगुजा प्रवास पर आ रहे हैं। उनका 09 मई को अंबिकापुर विधानसभा के अंबिकापुर विकासखंड, उदयपुर में कार्यक्रम तय किया गया था।
प्रदेश में कांग्रेस के सत्तासीन होने के बाद से ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री का फॉर्मूला चर्चा में रहा। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा साढ़े तीन साल बाद भी बंद नहीं हुई। छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव नवंबर 2023 में होना है, जिसमें केवल 16 महीने शेष हैं। अपने सरकार के साथ ही विधायकों के कामकाज की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 90 विधानसभा क्षेत्रों के दौरा कार्यक्रम की शुरुआत उत्तरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग से की है। अपने प्रवास पर उन्होंने कई कार्रवाई अफसरों पर की तो विधायकों एवं लोगों की मांग पर सौगातों की बौछार भी की है। वे बलरामपुर, सूरजपुर जिलों के दौरों के बाद 09 मई से सरगुजा प्रवास पर आ रहे हैं। उनका 09 मई को अंबिकापुर विधानसभा के अंबिकापुर विकासखंड, उदयपुर में कार्यक्रम तय किया गया था।
आएंगे, लेकिन क्षेत्र में नहीं जाएंगे
इधर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने 04 मई से ही मुख्यमंत्री के समानांतर दौरा कार्यक्रम दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से शुरू किया है। उन्होंने दौरा कार्यक्रम के लिए निजी हेलीकॉप्टर किराए पर लिया है। अपने प्रस्तावित दौरा कार्यक्रम में सिंहदेव निकले हुए हैं, जाहिर है वे 09 मई को अंबिकापुर में नहीं रहेंगे। ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंबिकापुर विधानसभा के प्रस्तावित कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। वे यहां आकर सर्किट हाउस में रुकेंगे और मीटिंग भी करेंगे। लेकिन वह विधानसभा क्षेत्र में अंबिकापुर के सपना सुखरी, उदयपुर व लखनपुर नहीं जाएंगे। मुख्यमंत्री क्षेत्र में जाकर उद्घाटन, शिलान्यास कर रहे हैं, जो यहां नहीं होगा। अंबिकापुर विधानसभा में मुख्यमंत्री के दौरा कार्यक्रम रद्द होने की अधिकारिक सूचना तो जारी नहीं की गई है, लेकिन यहां प्रशासनिक एवं पुलिस प्रशासन की तैयारी बंद कर दी गई है।
इधर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने 04 मई से ही मुख्यमंत्री के समानांतर दौरा कार्यक्रम दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से शुरू किया है। उन्होंने दौरा कार्यक्रम के लिए निजी हेलीकॉप्टर किराए पर लिया है। अपने प्रस्तावित दौरा कार्यक्रम में सिंहदेव निकले हुए हैं, जाहिर है वे 09 मई को अंबिकापुर में नहीं रहेंगे। ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंबिकापुर विधानसभा के प्रस्तावित कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। वे यहां आकर सर्किट हाउस में रुकेंगे और मीटिंग भी करेंगे। लेकिन वह विधानसभा क्षेत्र में अंबिकापुर के सपना सुखरी, उदयपुर व लखनपुर नहीं जाएंगे। मुख्यमंत्री क्षेत्र में जाकर उद्घाटन, शिलान्यास कर रहे हैं, जो यहां नहीं होगा। अंबिकापुर विधानसभा में मुख्यमंत्री के दौरा कार्यक्रम रद्द होने की अधिकारिक सूचना तो जारी नहीं की गई है, लेकिन यहां प्रशासनिक एवं पुलिस प्रशासन की तैयारी बंद कर दी गई है।
पहली बार मुखर दिखे टीएस
सौम्य एवं विनम्र स्वभाव के लिए चर्चित स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव अब तक ढाई-ढाई साल के सीएम के मुद्दे को हाईकमान का निर्णय बताकर टालते रहे हैं। लेकिन बस्तर प्रवास के दौरान वे पहली बार मुखर हुए और कहाकि हाईकमान को अब इस पर फैसला दे देना चाहिए। उन्होंने अपने प्रवास पर कलेक्टर एवं एसपी के उपस्थित नहीं होने पर भी निराशा जताई और कहाकि प्रोटोकॉल को नहीं भूलना चाहिए। जाहिर है कि अपनी ही सरकार में टीएस की पूछ-परख वैसी नहीं है जो अन्य मंत्रियों को मिलती है और रमन सरकार में नेता प्रतिपक्ष रहने के दौरान स्वयं टीएस सिंहदेव को मिली। टीएस सिंहदेव के मुखर होने से जाहिर है मुख्यमंत्री से उनकी तल्खी बढ़ी है।
सौम्य एवं विनम्र स्वभाव के लिए चर्चित स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव अब तक ढाई-ढाई साल के सीएम के मुद्दे को हाईकमान का निर्णय बताकर टालते रहे हैं। लेकिन बस्तर प्रवास के दौरान वे पहली बार मुखर हुए और कहाकि हाईकमान को अब इस पर फैसला दे देना चाहिए। उन्होंने अपने प्रवास पर कलेक्टर एवं एसपी के उपस्थित नहीं होने पर भी निराशा जताई और कहाकि प्रोटोकॉल को नहीं भूलना चाहिए। जाहिर है कि अपनी ही सरकार में टीएस की पूछ-परख वैसी नहीं है जो अन्य मंत्रियों को मिलती है और रमन सरकार में नेता प्रतिपक्ष रहने के दौरान स्वयं टीएस सिंहदेव को मिली। टीएस सिंहदेव के मुखर होने से जाहिर है मुख्यमंत्री से उनकी तल्खी बढ़ी है।
हेलीकॉप्टर पॉलिटिक्स भी चर्चा में
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने अपना दौरा कार्यक्रम घोषित करने का बाद कहा था कि वे जमीनी स्तर पर अपने विभागों की वर्किंग देखने के साथ ही संगठन के लोगों से संपर्क के लिए निकल रहे हैं। इसके लिए सरकार से हेलीकॉप्टर मांगेंगे, नहीं मिला तो किराए पर लेंगे। जाहिर है टीएस को हेलीकॉप्टर देने में सरकार ने कोई जल्दी नहीं दिखाई। टीएस सिंहदेव किराए के हेलीकॉप्टर से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दौरे पर रवाना हो गए तो सरकार ने हेलीकॉप्टरों से मंत्रियों का दौरा कार्यक्रम जारी किया। सरकार ने दो मंत्रियों कवासी लखमा एवं रविंद्र चौबे को हेलीकॉप्टर पर बस्तर व बलरामपुर क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया। टीएस ने कहाकि बाद में हेलीकॉप्टर देने की अधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। इसका फायदा भी नहीं है क्योंकि वे किराए का हेलीकॉप्टर ले चुके हैं। यह हेलीकॉप्टर पॉलीटिक्स भी चर्चा में जरूर है।
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने अपना दौरा कार्यक्रम घोषित करने का बाद कहा था कि वे जमीनी स्तर पर अपने विभागों की वर्किंग देखने के साथ ही संगठन के लोगों से संपर्क के लिए निकल रहे हैं। इसके लिए सरकार से हेलीकॉप्टर मांगेंगे, नहीं मिला तो किराए पर लेंगे। जाहिर है टीएस को हेलीकॉप्टर देने में सरकार ने कोई जल्दी नहीं दिखाई। टीएस सिंहदेव किराए के हेलीकॉप्टर से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दौरे पर रवाना हो गए तो सरकार ने हेलीकॉप्टरों से मंत्रियों का दौरा कार्यक्रम जारी किया। सरकार ने दो मंत्रियों कवासी लखमा एवं रविंद्र चौबे को हेलीकॉप्टर पर बस्तर व बलरामपुर क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया। टीएस ने कहाकि बाद में हेलीकॉप्टर देने की अधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। इसका फायदा भी नहीं है क्योंकि वे किराए का हेलीकॉप्टर ले चुके हैं। यह हेलीकॉप्टर पॉलीटिक्स भी चर्चा में जरूर है।




